माँ



माँ ममता की मूरत होती हैं

माँ हमें इतना प्यार करती हैं तो फिर भी हम 
उनको दुःख क्यों देते हैं।

माँ हमे चाहिए वो देती है फिर भी हम
उनके लिए कुछ नही कर सकते क्या?

माँ को जन्नत का दर्जा दिया जाता हैं
लेकिन क्या हम माँ से इतना प्यार करते हैं?

माँ नऊ महीने हमे अपने कोक में रखकर 
पैदा करती हैं।फिर भी क्या हमें उनका
दुःख दिख सकता है?

आज भी माँ को घर से बाहर निकाला जाता है।
सिर्फ एक मामुली लडकी के लिए जिसे 
आप बेशुमार प्यार करते हो।

मैं कहती हूँ।माँ जिस तरह आप को
मुश्किलों में मदत करती है।वैसे कोई भी 
आपकी प्रेमिका ।साथ नही दे सकती है।

माँ सबसे बड़ी किंमती मूल्यवान वस्तु हैं
उसे छुपाकर रखो ।घर से निकालकर  नही  बल्कि दिल में छुपाकर रखो।

माँ को इतना प्यार दो ।कि सारी 
कायनात आपके सोच में पड जाए।

माँ ही एक ऐसी मूरत है।जो आपका 
जीवन सुधार देती हैं।संकट से लडती है।
कष्ट करके आप की देखभाल करती है।

माँ को मत ठुकराओ ।अपने स्वार्थ,
अहंकार को ठुकराओ ,प्रेमिका को ठुकराओ
जो आप से माँ से जुदा कर रही है।

माँ तुझ में ही जन्नत है।
तुझ में ही जन्नत का दरवाजा हैं
तु ना हो तो मेरी जन्नत सी जीवन भी
दुनिया भी जहन्नुम हैं।

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